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शीर्ष न्यायालय ने 4 जनवरी को केंद्र सरकार को लोकपाल की नियुक्ति के लिए अभी तक उठाए गए कदमों के बारे में हलफनामा देने के निर्देश दिए थे। न्यायालय ने इस बारे में धीमी प्रगति को लेकर नाखुशी जताई थी।

गैरसरकारी संगठन ‘कॉमन कॉज’ की तरफ से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि सरकार ने वेबसाइट पर खोज समिति के सदस्यों के नाम तक उजागर नहीं किए हैं। यह संगठन लोकपाल के मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। समिति नामों को चयन समिति के पास भेजेगी जिसमें प्रधानमंत्री, सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता, लोकसभा अध्यक्ष और एक प्रमुख न्यायविद शामिल हैं।

आठ सदस्यीय खोज समिति बनी थी
केंद्र सरकार ने 27 सितंबर 2018 को न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय खोज समिति का गठन किया था। इस समिति को लोकपाल की नियुक्ति के लिए चयन समिति के पास नामों की अनुशंसा भेजना था।

खोज समिति के सदस्य 
स्टेट बैंक की पूर्व प्रमुख अरुंधति भट्टाचार्य, प्रसार भारती के अध्यक्ष ए. सूर्यप्रकाश, इसरो के पूर्व प्रमुख ए.एस. किरण कुमार, इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज सखाराम सिंह यादव, गुजरात पुलिस के पूर्व प्रमुख शब्बीर हुसैन एस. खांडवावाला, राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस ललित के. पंवार और पूर्व सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार। 

Call : 94250 68121, 0731 4226615

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